




उद्देश्य : "बेटी का सम्मान - समाज का उत्थान - भयमुक्त, सशक्त भारत - हमारा अभियान"
JANKI SAMUHIK VIVAH FOUNDATION
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन एक ऐसी ही अभिनवम् है, अंतर्गत परिवारों एक ऐसी सामाजिक संस्था है, जो समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं और उनके परिवारों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार को सम्पन्न कराने हेतु सहयोग प्रदान करने की दृष्टि से विवाह के अवसर में भारत के कई हिस्सों में विवाह के अवसर में आर्थिक, सामाजिक, परंपरा के कारण गरीब वर्ग और मध्यमवर्गीय परिवारों भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। ऐसे समय में जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन आशा की किरण बनकर समय आने पर ऐसे विवाह संस्कारों को सरल सादगीपूर्ण और सामाजिक कार्य करने की राह प्रदान कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस फाउंडेशन की पहचान केवल सामूहिक विवाह तक सीमित नहीं रही बल्कि यह समाज में व्याप्त कुरिवाजों को समाप्त करने, बेटियों के प्रति संस्कारपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने और नारी सम्मान को बढ़ावा देने का भी कार्य कर रही है। हमारी पहचान का अर्थ केवल आज गतिविधियों से नहीं बल्कि हमारे उन प्रणों से भी जुड़ा है जिनमें हम समाज में स्थापित करना चाहते हैं – समानता, सहयोग, सादगी और सम्मान।
क्यों है सामूहिक विवाह सामाज में योगदान
भारत में कन्या विवाह एक सामाजिक समस्या है। यह केवल पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा निर्णय का विषय है। आप भी आज परिवारों में, विवाह करने में कठिनाइयों का सामना करते होंगे। भारत में विवाह अक्सर दहेज प्रथा और कुप्रथा से जुड़ा होता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर यह आर्थिक दबाव बढ़ता अधिक पड़ता है। कई बार परिवार कर्ज में डूब जाते हैं, या संपत्ति बेचकर विवाह संपन्न करते हैं।
दहेज प्रथा की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है। कन्या के माता-पिता की विभिन्न उपहार, धन, घर-गृहस्थी का सामग्री आदि देने के लिए बाध्य किया जाता है। इस प्रथा से बेटी को अक्सर “बोझ” समझा जाने लगता है।
देर से विवाह और मानसिक तनाव विवाह और रोजगार की वजह से विवाह की उम्र में वृद्धि हो रही है, लेकिन समाज में अभी भी जल्दी शादी करने का दबाव बना रहता है। इससे न केवल कन्या को शिक्षा का लाभ नहीं मिलता बल्कि उसे मानसिक तनाव महसूस करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों का विवाह कम उम्र में कर दिया जाता है, जिससे बालविवाह जैसी समस्याएँ जन्म लेती हैं। यह न केवल शिक्षा में बाधा डालता है। बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
इस प्रकार, कन्या का विवाह भारत में केवल एक पारिवारिक कार्य न होकर एक सामाजिक मुद्दा है। जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक लड़कियों के विवाह की पूरी समस्याएँ बनी रहेंगी।
यह योजना क्यों
- कन्या के विवाह के प्रति माता-पिता अपने बच्चो के प्रति खुद को असहाय महसूस नहीं करेंगे।
- समाज में कन्याओं और महिलाओ के प्रति श्रद्धा व सहानुभूति बढ़ेगी।
- विवाह के मौके पर खर्चों में दोनों की साझेदारी दोनों पक्ष को सहायता होगी।
- हमारे समाज में कन्याओं के विवाह के लिये एक आधुनिक एवं सुरक्षित जगह मिलेगा।
हमारी योजनाएँ
बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दें।
सामूहिक विवाह में योगदान दें।
समाज सेवा और भोजन वितरण अभियानों में सहयोग दें।
आपका छोटा-सा सहयोग भी किसी बेटी की मुस्कान, किसी परिवार का संबल और पुरे समाज की प्रगति का आधार बन सकता है।
आइए, मिलकर इस मिशन को सफल बनाएं और –
एक सशक्त भारत की रचना करें जहां -हर बेटी शिक्षित हो, हर परिवार सम्मानित हो, और कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन
सशक्त बेटियों – सशक्त समाज – भूखमुक्त जीवन
हमारा उद्देश्य
- हमारा उद्देश्य :-
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त आर्थिक असमानताओं को दूर कर जरूरतमंद परिवारों से सामाजिक विवाह कराने में सहयोग देना है। आज भी समाज के अनेक वर्गों में बेटियों के विवाह का स्वरुप बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन कर रह जाती है। कई बार तो परिवार अपने कर्ज में डूबे रह जाते हैं या विवाह में अनावश्यक दिखावा करने में मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में सभी वर्गों को देखते हुए जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन ने एक सामाजिक आयोजन का स्वरुप देने का संकल्प लिया है। - हमारी संस्था का उद्देश्य सिर्फ विवाह कराना ही नहीं बल्कि विवाह संस्कारों को संपूर्ण सादगीपूर्ण और सामाजिक कानूनों पूरी सादगी में कराने और विवाह में सामाजिक बर्बादी को बढ़ावा देने पर भी हमारी संस्था विशेष जोर से काम कर रही है। इसका मुख्य रहना है कि विवाह के हर आयोजन में धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक मामलाओं का संतुलन बनाकर रखने हुए दुखी-परेशान को नई जिंदगी की सुसंस्कार शुरुआत के लिए सामाजिक सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाये। साथ ही जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन समाज में जागरूकता फैलाने, गरीब व जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सामूहिक विवाह करने और विवाह संवंधी आत्मीय रूपों को दृढ़ करने में भी सहयोग करती है। इस प्रकार जानकी सामूहिक विवाह फाउण्डेशन का उद्देश्य केवल विवाह संस्कार को सम्पन्न करना नहीं बल्कि समाज में सहयोग सद्भावना और मानवीय संवेदनाओं से बढ़ावा देना भी है।
- अपने संस्था के इस उद्देश्य को सफल बनाने में हम सरकार, प्रतिष्ठित समाज सेवी भाइयों तथा उन सभी माता-पिता भाइयों से सहयोग एवं मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं, जिससे हम सब मिलकर इस पावन कार्य को काफी सफल बनायें।
आगामी कार्यक्रम
समाज में जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की भूमिकाएं
योजनाएँ
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन आपके लिए 5 सब्सक्रिप्शन प्लान लेकर आया है जो 551 , 501 , 351 , 251 एवं 101 रूपए का है जिसमे आपको अलग अलग आयु वाले बच्चो को अलग अलग सामान दिया जाता है
पहली योजना (551 ₹)
दूसरी योजना (501 ₹)
तीसरी योजना (351 ₹)
चौथी योजना (251 ₹)
पांचवी योजना (101₹)
हमारी वर्तमान योजनाएँ
21 कन्यायो की शादी (फरवरी 2026 में )
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन के तरफ से आगामी आयोजित सामूहिक विवाह कार्यकर्म गढ़वा जिला के कोनहर नाथ मंदिर में गोवावल की धरती पर फरवरी 2026 को संपन्न होने वाला है |हमारी संस्था आपलोगों को सादर आमन्त्रित करती है |
भूखमुक्त जीवन
सामाज में भूखमुक्त जीवन वह है जहाँ हर व्यक्ति को पर्याप्त भोजन, सम्मानजनक जीवन और अवसर मिले। सहयोग, दान, रोजगार और शिक्षा से यह सपना साकार हो सकता है।
समाज सेवा और सहयोग
समाज सेवा और सहयोग से समाज में समानता, भाईचारा और विकास को बढ़ावा मिलता है। निःस्वार्थ सेवा, परस्पर सहयोग और एकता से समाज मजबूत बनता है तथा सभी का कल्याण संभव होता है।
रक्तदान शिविर का आयोजन
आगामी माह में नागरिकों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराना और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना है। सभी स्वस्थ नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्वेच्छा से भाग लेकर मानवता की सेवा करें।
हमारी भविष्य की योजनाएँ
- पंचायत स्तर पर महिला प्रशिक्षण एवं स्वाबलम्बन केन्द्र कि स्थापना करना।
- सरकार द्वरा संचालित बालिका एवं महिला योजनाओं की सफलता हेतु प्रचार-प्रसार
करना एवं उस योजना से संबंधित सरकारी पदाधिकारी के सहयोग से सफलीभूत करना। - अनाथ, लाचार, बेब, विकलांग बालिकाओं हेतु निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करना । विषम परिस्थितियों में फंसे बालिकाओं की सहायता करना।
- बालिकाओं को आत्म रक्षा हेतु कराटे, कुंगफू, आदि का प्रशिक्षण देना ।
- बालिका प्रतिभा खोज करना एवं उन्हें मार्गदर्शन करना।
- बालिका खेलकुद प्रतियोगिता करवाना एवं खेलकुद प्रशिक्षण देना ।
- सस्ते दर पर सेनेटरी पैड का निर्माण करना एवं बालिकाओं को मुहैया करवाना।
- बालिका संसद की गठना करना ।
संचालन मंडली के सदस्य एवं पदाधिकारीगण
